नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर में ‘गुजरात शहरी विकास योजना’ की 20वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए देशवासियों से विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है जब हर भारतीय को देश के विकास में भागीदार बनना होगा।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में चीन का नाम लिए बिना उसे कड़ा संदेश दिया और कहा कि त्योहारी सीजन में विदेशी खासकर चीनी सामान बाजार में धड़ल्ले से बिकता है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे खुद जांचें कि उनके घरों में कितनी विदेशी चीजें उपयोग हो रही हैं, चाहे वो हेयरपिन हो या टूथपिक।
उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर सैन्य ताकत से शुरू हुआ था, अब इसे जनबल से आगे बढ़ाना है। इसका मतलब है कि देश का हर नागरिक इसमें भागीदारी निभाए। हम तय कर लें कि 2047 तक जब भारत की आज़ादी के 100 साल होंगे, तब तक हम भारत को विकसित राष्ट्र बनाएंगे। इसके लिए हमें विदेशी चीजों का त्याग करना होगा।”
पीएम मोदी ने विदेशी वस्तुओं को लेकर समाज में व्याप्त मानसिकता पर भी कटाक्ष करते हुए कहा, “आज भी होली की पिचकारी, रंग, और यहां तक कि गणेश जी की मूर्तियां विदेश से आती हैं। छोटी आंखों वाले गणेश जी, जिनकी आंखें भी नहीं खुल रही हैं – ये शर्मनाक है।”
उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ज़िक्र करते हुए भारतीय सेना के पराक्रम की सराहना की और बताया कि 6 मई को भारतीय सैन्य बलों ने मात्र 22 मिनट में नौ आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर decisive कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि इस बार सब कुछ कैमरे पर रिकॉर्ड हुआ ताकि कोई सबूत न मांग सके।
“पाकिस्तान में मारे गए आतंकियों को स्टेट ऑनर दिया गया, ताबूतों पर पाक झंडा लहराया गया और सेना ने सलामी दी – ये सब साबित करता है कि यह छद्म युद्ध नहीं, एक सोची-समझी रणनीति है। और जब युद्ध हो रहा है, तो जवाब भी उसी अंदाज़ में दिया जाएगा,” पीएम मोदी ने कहा।
प्रधानमंत्री ने जनसभा के माध्यम से देशवासियों से ‘मेड इन इंडिया’ पर गर्व करने और विदेशी सामानों के स्थान पर भारतीय उत्पादों को अपनाने की अपील की।